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Showing posts from September, 2024

विष्णु स्तुति - विष्णु पूजा के स्तोत्र - Vishnu Worship Hymns

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ॐ शान्ताकारम भुजगशयनम ||  विष्णु इस जगत के रक्षक माने जाते हैं | परमात्मा के तीन रूप हैं | विष्णु , शिव , और ब्रह्मा ये रूप हैं |  विष्णु को नारायण नाम से भी जुड़ा जाता हैं | नारायण का मतलब पूरे सृष्टि के अंदर व बाहर छाए हुए हैं |  शिव , विष्णु , ब्रह्मा इन तीनों भगवान को मैं बराबर मानता हूँ |   क्यों कि ये तीनों एक ही परमात्मा के प्रतीक हैं |  विष्णु भगवान के पूजा स्तोत्र कुछ यहाँ प्रस्तुत किए जा रहें हैं |  पूजा आरम्भ माता-पिता के स्मरण , आचार्य वंदन , तथा गणेश श्लोक "सुक्लाम्बर धरम" के साथ किया जाता है | तत पश्चात २४ केशव नाम , लक्ष्मी स्तुति करना है | उसके बाद ये निम्न लिखित विष्णु स्तुति के श्लोक/स्तोत्र पढ़ा जाता है |  विष्णु स्तुति के स्तोत्र  ॐ  शान्ताकारम भुजग शयनम पद्मनाभम सुरेशम  विश्वाकारम गगन सदृशम मेघ वर्णम शुभांगम |  लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगि हृदयानगम्यम  वन्दे विष्णुम भव भय हरम सर्व लोकैकनाथम || (१) तात्पर्य :- एकदम प्रशान्त मूरत रूप में शेषनाग (एक दिव्य सर्प ) की शय्या में आराम करते हुए विष्णु, जिनका नाभि ...

केशव नाम | विष्णु पूजा /अर्चना 24 नामों के साथ - Worship of Vishnu With 24 Names

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  विष्णु भगवान का एक नाम केशव है |  उनकी पूजा  २४ केशव नामों के साथ किया जाता है | इस प्रक्रिया को अर्चना कहते हैं |  अर्चना करते वक्त फूल तथा कुमकुम इस्तेमाल कर सकते हैं | एक एक नाम उच्छारण के साथ एक पुष्प या कुमकुमा भगवान को चढ़ाते रहें |  इन नामों को "केशव नाम" से जाना जाता है |  ॐ केशवाय नमः  ॐ नारायणाय नमः  ॐ माधवाय नमः  ॐ गोविन्दाय नमः  ॐ विष्णवे नमः  ॐ मधुसूदनाय नमः  ॐ त्रिविक्रमाय नमः  ॐ वामनाय नमः  ॐ श्रीधराय नमः  ॐ हृषिकेशाय नमः  ॐ पद्मनाभाय नमः  ॐ दामोदराय नमः  ॐ संकर्षणाय नमः  ॐ वासुदेवाय नमः  ॐ प्रद्युम्नाय नमः  ॐ अनिरुद्धाय नमः  ॐ पुरुषोत्तमाय नमः  ॐ अधोक्षजाय नमः  ॐ नारसिंहाय नमः  ॐ अच्युताय नमः  ॐ जनार्दनाय नमः  ॐ उपेन्द्राय नमः  ॐ हरये नमः  ॐ कृष्णाय नमः  इन २४ नाम की पूजा पहले करके उस पश्चात आप लक्ष्मी स्तोत्र, तथा विष्णु स्तोत्र पारायण कर सकते हैं | फिर शिव,पार्वतियों का स्तुति, अन्य पूजा के स्तोत्र आपके क्षमता के अनुसार ...

लक्ष्मी पूजा स्तोत्र - Lakshmi Worship Hymns (Hindi Meanings)

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 लक्ष्मी देवी भाग्य , सौभाग्य तथा मुक्ति प्रदायिनी माता हैं | प्रति दिन इनकी पूजा करने से आपके परिवार में सुखः,समृद्धी , तथा आरोग्य बना रहेगा |  लक्ष्मी पूजा स्तोत्र प्रतिदिन पूजा के समय पहले आचार्य वन्दन तथा गणेश वंदन के बाद पढ़ा जा सकता है | ये निम्न दिए जाने वाले तीनों श्लोक/स्तोत्र बहुत ही आसानी से उच्चारण कर सकते हैं |  स्तोत्र के साथ उनका भाव भी प्रत्येक के नीचे दिया जा रहा है |  लक्ष्मी स्तोत्र  लक्ष्मीम क्षीर समुद्र राज तनयाम श्रीरंग धामेश्वरीम  दासीभूत समस्त देव वनिताम लोकैक दीपांकुरीम |  श्रीमन मंद कटाक्ष लभ्द विभव ब्रहमेन्द्र गंगाधराम  त्वाम त्रैलोक्य कुटुम्बिनीम सरसिजाम वन्दे मुकुन्द प्रियाम || (१) तात्पर्य :- माता लक्ष्मी जी ! क्षीरसागर की पुत्री , श्रीरंग धाम पर बसने वाली , अनेक परिचारिका ओम तथा अन्य प्राणी से सेवा पाने वाली , समस्त लोक के एक ही मात्र दिव्य ज्योती माने जाने वाली माँ ! श्रीमन विष्णु, ब्रह्मा, शिव के प्रसन्न कटाक्ष के ऐश्वर्य से आप तीनों लोक वास करती हैं ! हे सरोवर में जन्मी , मुकुन्द के लाड़ली माता ! आप को प्रणाम |\ मात...

हनुमान पूजा स्तोत्र - Hanuman Worship Prayers

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हनुमान जी की पूजा करते वक्त इन सभी स्तोत्रों का पठन कर सकते हैं !  श्री आँजनेयम , प्रसन्न आंजनेयम ,     प्रभा दिव्य कायम , प्रकीर्ति प्रदायम , भजे वायुपुत्रम , भजे वालगात्रं , भजेहम पवित्रम, भजे सूर्यमित्राम , भजे रूद्र रूपम , भजे ब्रह्म तेजाम ||  ॐ नमो श्री आञ्जनेय स्वामिने नमः || (१) तात्पर्य :-  हे आञ्जनेय ! आप प्रसन्न हों | प्रकाश से जगमगाते हुए, यश प्रदान करें |  हे वायु देवता के पुत्र , लम्बे गर्दन वाले , पवित्र मन वाले, हे सूर्य भगवान के मित्र , भयंकर रूप धारण करने वाले , ब्रह्मा जी के तेज़ वाले , आप को मैं नमन करता हूँ |  आञ्जनेयम , अति पाटल आननं , कांचनाद्रि कमनीय विग्रहाम  पारिजात तरु मूल वासिनम  भावयामि पवमान नन्दनम || (२) तात्पर्य :- हे आञ्जनेय ! (अंजनी के पुत्र), उज्जवल चमकते हुए मुख मंडल वाले ! सोने की पहाड़ जैसी शोभनीय बदन के स्वामी ! पारिजात के नीचे रहने वाले वायु पुत्र ! आप ही के ध्यान करता हूँ ! मनोजवं मारुत तुल्य बेगम , जितेन्द्रियम , बुद्धिमतां वरिष्ठम |  वातात्मजं , वानर यूध मुख्यम , श्रीराम दूतं , शिरसा नमामि || ...

गणेश पूजा स्तोत्र व श्लोक

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गणेश की प्रति दिन पूजा करने से विघ्न तथा समस्याओं से मुक्ति प्रदान करेंगे | ऐसा हम सब का विश्वास है | मैं भी रोज़ पूजा के समय गणेश जी का स्मरण करते हुए निम्न दिए गए स्तोत्र पठन करता हूँ |  बुधवार का दिन गणेश जी का माना जाता है | अतः उस दिन मैं गणेश भजन भी करता हूँ |  भजन में गणेश जी का नाम जप करता हूँ |  ॐ ग़म गणपतये नमः | इसी को ११, २१, या १०८ बार जाप कर सकते हैं |  गणेश श्लोक  शुक्लाम्बरधरम , विष्णुम् , शशि वर्णम , चतुर्भुजम | प्रसन्न वदनम् , ध्यायेत् सर्व विघ्नोपशान्तये ||  (१ ) तात्पर्य :- श्वेत वस्त्र पहने हुए सर्वत्र विराजमान , चांदिनी जैसी रूप वाला , चार भुजाएँ धारण कर, प्रसन्न मुख़ रहने वाले , सकल विघ्न या रुकावटों को भगाने वाले गणेश की स्मरण करता हूँ |  गणेश स्तोत्र  ओम श्री विघ्नेश्वराय  नमः ओम श्री विनायकाय नमः ओम श्री एकदन्ताय नमः ओम श्री गजाननाय नमः ओम श्री गणेशाय नमः (१ ) वक्रतुण्डं महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः | निर्विघ्नम् कुरुमेदेव सर्व कार्येषु सर्वदा || (२ ) तात्पर्य :- घुमावदार सूंड (हाथी का सूंड ), तथा विशाल शरीर वाले, करोड़ों सू...

पूजा विधि - घर में पूजा करने के सरल उपाय - Daily Worship at Home Tips

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  प्रति दिन घर पर पूजा करने के कुछ सरल व आसानी तरीके मैं यहाँ प्रस्तुत करना चाहूंगा |  मैं एक वैष्णव ब्राह्मण हूँ तथा कई साल से अपने घर पर रोज़ प्रातः काल पूजा करता आ रहा हूँ | तो पूजा करते करते मुझे आदत हो गया तथा कभी कभी समय के अभाव में कुछ आसानी तरीकें ढूंढना पड़ता था | इस तरह एक क्लुप्त समय के अन्दर पूजा करने का विधि निकाल सका | अब आपसे उस तरीके को बाँटता हूँ |   मेरे सुझाव को आप अपने रीति रिवाज़ के अनुसार तथा समय के अनुसार ढल सकते हैं |  पूजा सामग्री  आप इतना तो जानते ही होंगे कि पूजा करने के लिए एक घर के अंदर एकान्त तथा परिशुद्ध वातावरण बनाना चाहिए | भगवान की मूर्ती अथवा तस्वीर रखना चाहिए | और जरूरतों को मैं बता रहा हूँ |  पानी के लिए दो या एक छोटा सा जल पात्र | एक भगवान के निमित्त तथा एक अपना आचमन वग़ैरह के वास्ते | ताम्बा या पञ्च लोहा पात्र बेहतर माना जाता है | स्टील वाला भी ठीक ही है |  एक गहरा प्लेट जिस में पानी को डाला जाता है | यह पात्र भी उसी लोहे का रख लीजिएगा |  एक या दो दिए जलाने वास्ते दिया दान | ये पीतल के हों तो बेहतर है अथवा स...

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 मेरे प्रिय जनो, मैं आप सभी का आह्वान करता हूँ |  इस ब्लॉग में मैं "हम सभी के" रोज़मर्रा जिंदगी के उपयोगी बातें करने की कोशिश करता हूँ | हर दिन हम लोग उठते हैं, बैठते हैं, पूजा-पाठ करते हैं , खाना बनाते हैं , और अनेक क़ाम-काज़  मे व्यस्त रहते हैं - इन्हीं बातों के सम्बन्ध में कुछ आसानी तरीकें , सुझाव , हाल-चाल, इत्यादि बाँटना चाहता हूँ | मेरे अनुभव, तरीके, तथा विचार बाँटना चाहता हूँ |  मैं एक दक्षिण भारतीय , रिटायर्ड लेख़क हूँ | अतः मेरा हिन्दी व्याकरण वग़ैरह ठीक न रह सकता हैं | इत्मीनान बरतने तथा साथ देते हुए प्रोत्साहन देने की प्रार्थना करता हूँ |