विष्णु स्तुति - विष्णु पूजा के स्तोत्र - Vishnu Worship Hymns
ॐ शान्ताकारम भुजगशयनम || विष्णु इस जगत के रक्षक माने जाते हैं | परमात्मा के तीन रूप हैं | विष्णु , शिव , और ब्रह्मा ये रूप हैं | विष्णु को नारायण नाम से भी जुड़ा जाता हैं | नारायण का मतलब पूरे सृष्टि के अंदर व बाहर छाए हुए हैं | शिव , विष्णु , ब्रह्मा इन तीनों भगवान को मैं बराबर मानता हूँ | क्यों कि ये तीनों एक ही परमात्मा के प्रतीक हैं | विष्णु भगवान के पूजा स्तोत्र कुछ यहाँ प्रस्तुत किए जा रहें हैं | पूजा आरम्भ माता-पिता के स्मरण , आचार्य वंदन , तथा गणेश श्लोक "सुक्लाम्बर धरम" के साथ किया जाता है | तत पश्चात २४ केशव नाम , लक्ष्मी स्तुति करना है | उसके बाद ये निम्न लिखित विष्णु स्तुति के श्लोक/स्तोत्र पढ़ा जाता है | विष्णु स्तुति के स्तोत्र ॐ शान्ताकारम भुजग शयनम पद्मनाभम सुरेशम विश्वाकारम गगन सदृशम मेघ वर्णम शुभांगम | लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगि हृदयानगम्यम वन्दे विष्णुम भव भय हरम सर्व लोकैकनाथम || (१) तात्पर्य :- एकदम प्रशान्त मूरत रूप में शेषनाग (एक दिव्य सर्प ) की शय्या में आराम करते हुए विष्णु, जिनका नाभि ...